दो पंक्तियाँ माँ के लिये::::
गोदी में मुझको सुलाया है माँ ने,,
बडे प्यार से अपनी मीठी जुवॉ से,
बेटा कह कर बुलाया है माँ ने,,
मुझको लेके अपनी नरम बाजुओं मे,
मोहब्बत का झूला झुलाया है माँ ने,,
सभी जख्म अपने सीने पे लेके,
हर चोट से बचाया है माँ ने,,
कभी मेरे माथे पे काला टीका लगा के,
यूं बचपन में मुझको सजाया है माँ ने,,
यूं चेहरा दिखा के मुझे रोज अपना,
मुझे मेरे रव से मिलाया है माँ ने,,
ऐ इन्सॉ तू जो इतना इतरा के चलता है,
काबिल तुझे इसके बनाया है माँ ने..!!
हम ने देखी है उन आँखों की महकती खुशबू ,
हाथ से छूके इसे रिश्तों का इल्जाम ना दो;
सिर्फ एहसास है ये, रूह से महसूस करो,
प्यार को प्यार ही रहने दो, कोई नाम ना दो..!!
ख़ुद को इतना जो हवादार समझ रखा है,
क्या हमें रेत की दीवार समझ रखा है?
हमनें क़िरदार को कपड़ों की तरह पहना है,
तुमनें कपड़ों ही को किरदार समझ रखा है,
उसको ख़ुद्दारी का क्या पाठ पढ़ाया जाये,
भींख को जिसने पुरस्कार समझ रखा है,
मेरी संजीदा तबियत पर भी शक़ है सबको,
ख़ास लोगों ने तो बीमार समझ रखा है..
कोई ग़ज़ल सुना कर क्या करना,
______यूँ बात बढ़ा कर क्या करना,
तुम मेरे थे, तुम मेरे हो,
_____दुनिया को बता कर क्या करना,
तुम साथ निभाओ चाहत से,
______कोई रस्म निभा कर क्या करना,
तुम खफ़ा भी अच्छे लगते हो,
______फिर तुमको मना कर क्या करना।
😄 😄 दिल फ़ाड़ शायरी
मच्छर ने आपको काटा ... ये उसका जुनून था
वाह वाह वाह...
मच्छर ने आपको काटा ... ये उसका जुनून था
फिर आपने वहाँ खुजाया ... ये आपका
सुकून था
पर चाह कर भी आप उसे मार नहीं पाये
ग़ौर फ़रमाइये हुज़ूर ...
चाह कर भी आप उसे मार नहीं पाये 😄 😄
क्योंकि उसकी रगों में आप ही का
ख़ून था ... !!!
😂 😂 😂 😜 😃
ये कहलाता हॆ खून का रिश्ता।
फिर न सिमटेगी मोहब्बत जो बिखर जायेगी,
ज़िंदगी ज़ुल्फ़ नहीं जो फिर से संवर जायेगी,
थाम लो हाथ उसका जो प्यार करे तुमसे,
ये #ज़िंदगी फिर न मिलगी जो गुज़र जायेगी।
Ajeeb Bhi Tu Hai Naseeb Bhi Tu Hai,
Duniya Kee Is Bheed Mein Kareeb Bhi Tu Hai;
Teri Duaon Se Hi Chalti Hai Meri Zindagi,
Kyonki Mera Rabb Bhi Tu Hai Meri Taqdeer Bhi Tu Hai!